प्राथमिक साक्ष्य तथा द्वितीयक साक्ष्य में अंतर

प्राथमिक साक्ष्य तथा द्वितीयक साक्ष्य में अंतर | Difference Between Primary Evidence and Secondary Evidence in hindi

प्राथमिक साक्ष्य तथा द्वितीयक साक्ष्य में अंतर एवं दोनों की परिभाषा प्राथमिक साक्ष्य को कानून की नजर में सर्वोच्च मूल्य का प्रमाण माना जाता है। इसके विपरीत, द्वितीयक साक्ष्य गैर-प्राथमिक साक्ष्य हैं जिनका उपयोग तब किया जाता है जब प्राथमिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है। प्राथमिक साक्ष्य किसे कहते हैं? भारतीय साक्ष्य अधिनियम…

संस्वीकृति तथा मृत्युकालिक कथन में अंतर

संस्वीकृति तथा मृत्युकालिक कथन में अंतर | difference between confession and dying declaration in hindi

 संस्वीकृति तथा मृत्युकालिक कथन में अंतर  संस्वीकृति(Confession) किसे कहते है? संस्वीकृति को भारतीय साक्ष्य अधिनियम में कहीं भी परिभाषित नहीं किया गया है। संस्वीकृति “अपराध की स्वीकृति”या “जुर्म का इकबाल है”। स्वीकृति की परिभाषा  संस्वीकृति पर भी लागू होती है, यदि वह सिविल मामलों में की जाती है तो वह स्वीकृति कहलाती है, यदि वह…

तथ्य एवं साक्ष्य में अंतर

तथ्य एवं साक्ष्य में अंतर | Difference Between Facts and Evidence in Hindi

तथ्य एवं साक्ष्य में अंतर तथ्य (Fact) की परिभाषा क्या है ?:- भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 3 में ‘तथ्य’ शब्द की परिभाषा इन शब्दों में दी गई है ” तथ्य से अभिप्रेत है और उसके अंतर्गत आती हैं– (1) ऐसी कोई वस्तु, वस्तुओं की अवस्था, या वस्तुओं का संबंध जो इंद्रियों द्वारा बोधगम्य हो;…

स्वीकृति तथा विबंधन में अंतर

स्वीकृति तथा विबंधन में अंतर | Difference between Admission and Estoppel in hindi

स्वीकृति तथा विबंधन  में अंतर स्वीकृति क्या है? (what is admission?):- साक्ष्य अधिनियम की धारा , 17 में स्वीकृति की परिभाषा दी गई है तथा धारा 18, 19, 20 ,21, 22 तथा 23 में बताया गया है कि किस का कथन स्वीकृति के अंतर्गत आता है। स्टीफन के अनुसार, किसी पक्ष या उसकी ओर से…