Bare Acts

हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 18 | section 18 HMA | Section 18 Hindu Marriage Act in hindi

हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 18 – हिन्दू विवाह की कतिपय अन्य शर्तों के उल्लंघन के लिए दण्ड-

हर व्यक्ति जो अपना कोई ऐसा विवाह उपाप्त करेगा जो धारा 5 के खण्ड (iii), (iv) और (v) में विनिर्दिष्ट शर्तों के उल्लंघन में इस अधिनियम के अधीन अनुष्ठापित किया गया हो वह :-

 (क) धारा 5 के खंड (iii) में विनिर्दिष्ट शर्त के उल्लंघन की दशा में, कठोर कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो एक लाख रुपए तक का हो सकेगा अथवा दोनों से;

(ख) धारा 5 के खण्ड (iv) या खण्ड (v) में विनिर्दिष्ट शर्त के उल्लंघन की दशा में, सादे कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, अथवा दोनों से, दण्डित किया जायेगा।


Section 18 Hindu Marriage Act – Punishment for contravention of certain other conditions for a Hindu marriage —

Every person who procures a marriage of himself or herself to be solemnized under this Act in contravention of the conditions specified in clauses (iii), (iv), 1[and (v)] of section 5 shall be punishable

2[(a) in the case of contravention of the condition specified in clause (iii) of section 5, with rigorous imprisonment which may extend to two years or with fine which may extend to one lakh rupees, or with both.

(b) in the case of a contravention of the condition specified in clause (iv) or clause (v) of section 5, with simpleimprisonment which may extend to one month, or with fine which may extend to one thousand rupees, or with both; 3* * *

4*****


1. Subs. by Act 2 of 1978, s. 6 and Schedule, for (v) and (vi) (w.e.f. 1-10-1978).
2. Subs. by Act 6 of 2007, s. 20 (w.e.f. 30-10-2007).
3. The word and omitted by Act 2 of 1978, s. 6 and Schedule (w.e.f. 1-10-1978).
4. Clause (c) omitted by Act 2 of 1987, s. 6 and Schedule (w.e.f. 1-10-1978).

हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 18 हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 18 हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 18