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IPC की धारा 23 | धारा 23 भारतीय दण्ड संहिता | IPC Section 23 In Hindi

IPC की धारा 23 —  “सदोष अभिलाभ” –

“सदोष अभिलाभ” विधि विरुद्ध साधनों द्वारा ऐसी सम्पत्ति का अभिलाभ है, जिसका वैध रूप से हकदार अभिलाभ प्राप्त करने वाला व्यक्ति न हो।

"सदोष हानि" - "सदोष हानि" विरुद्ध साधनों द्वारा ऐसी सम्पत्ति की हानि है, जिसका वैध रूप से हकदार हानि उठाने वाला व्यक्ति हो।
सदोष अभिलाभ प्राप्त करना , सदोष हानि उठाना -  कोई व्यक्ति सदोष अभिलाभ प्राप्त करता है, यह तब कहा जाता है जब कि वह व्यक्ति सदोष रखे रखता है और तब भी जब कि वह व्यक्ति सदोष अर्जन करता है। कोई व्यक्ति सदोष हानि उठाता है, यह तब कहा जाता है जबकि उसे किसी सम्पति से सदोष अलग रखा जाता है और तब भी जबकि उसे किसी सम्पत्ति से सदोष वंचित किया जाता है।

IPC की धारा 23 से संबंधित महत्वपूर्ण केस


नारायन दास बनाम काशी प्रसाद, ए0 आई0 आर0 1953 इला0 264 : 1935 इला० लॉ जO 248
अगर कोई मामला है जहां एक विशिष्ट फसल के साथ जुड़े होने के बावजूद किसी व्यक्ति की इच्छा है कि वह उस फसल को अनधिकृत रूप से अपने पास ले जाए, तो ऐसे स्थिति में उस व्यक्ति द्वारा फसल को काटकर लेने की इच्छा को विधिविरुद्ध माना जाएगा।
प्रियनाथ बनर्जी, (1866) 5 डब्ल्यू0 आर0 क्रि0 68
जब किसी विधवा के पति द्वारा लिए गए ऋण को अभियुक्त उसके बैलों में बलपूर्वक अवैध रूप से अभिगृहीत करता है, तो ऐसे अवैध कार्य को सदोष हानि के रूप में माना जाएगा।
महालिगैय्या मुद्वैया पुजारी, 1959 क्रि० लॉ ज0 881
जहाँ पर एक पोस्टमैन वी० पी० पी० की डाक टिकट पर अपना हस्ताक्षर इस प्रकार करके, ताकि यह प्रतीत हो सके कि पार्सल पावती ने प्राप्त कर लिया है अपने पास रख लेता है तो ऐसी दशा में उक्त पार्सल का प्रतिधारण सदोष लाभ माना जायेगा 
इ0 लॉ रि0 15 बाम्बे 212
एक सोने की मुहर जो परित्यक्त रूप में किसी स्थान पर पायी जाती है इस धारा के भावाबोध में सम्पत्ति नहीं होगी।

IPC की धारा 23 FAQ

  1. भारतीय दण्ड संहिता में ‘सदोष लाभ‘ और ‘सदोष हानि‘ को किस धारा में परिभाषित किया गया है?

    IPC की धारा 23 में |

  2. “सदोष हानि” क्या हैं?

    “सदोष हानि” विरुद्ध साधनों द्वारा ऐसी सम्पत्ति की हानि है, जिसका वैध रूप से हकदार हानि उठाने वाला व्यक्ति हो।

  3. “सदोष अभिलाभ” क्या हैं?

    “सदोष अभिलाभ” विधि विरुद्ध साधनों द्वारा ऐसी सम्पत्ति का अभिलाभ है, जिसका वैध रूप से हक़दार अभिलाभ प्राप्त करने वाला व्यक्ति न हो।

  4. भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की धारा 23 में किसकी परिभाषा दी गयी हैं?

    ‘सदोष लाभ‘ और ‘सदोष हानि

  5. महालिगैय्या मुद्वैया पुजारी किस धारा से संबंधित केस है ?

    आईपीसी की धारा 23 से |

  6. नारायन दास बनाम काशी प्रसाद, ए0 आई0 आर0 1953 किस धारा से संबंधित केस है ?

    आईपीसी की धारा 23 से

IPC Section 23 — “Wrongful gain” –

“Wrongful gain’ is the gain by lawful means of property to which the person gaining is not legally entitled.

“Wrongful loss” – “Wrongful loss’ is the loss by unlawful means of property to which the person losing it is legally entitled.

Gaining wrongfully – Losing wrongfully – A person is said to gain wrongfully when such person retains wrongfully, as well as when such person acquired wrongfully. A person is said to lose wrongfully when such person is wrongfully kept out of any property, as well as when such person is wrongfully deprived of property.

भारतीय दण्ड संहिता के लिए महत्वपूर्ण पुस्तकें –

भारतीय दंड संहिता,1860 – प्रो सूर्य नारायण मिश्र

भारतीय दंड संहिता, 1860 – डॉ. बसंती लाल

भारतीय दण्ड संहिता ( DIGLOT) [ENGLISH/HINDI] [BARE ACT]

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