IPC की धारा 379 — चोरी के लिए दण्ड –
जो कोई चोरी करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।
| अपराध का वर्गीकरण–इस धारा के अधीन अपराध, संज्ञेय, अजमानतीय, और कोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है| द. प्र. सं. (संशोधन) अधिनियम, 2008 (क्र. 5 सन् 2009) की धारा 23(i) द्वारा दिनांक 31-12-2009 से इस धारा के अधीन अपराध को चुराई गई संपत्ति के स्वामी द्वारा शमनीय बनाया गया है । उक्त संशोधन के पूर्व यह न्यायालय की अनुमति से चुराई गई संपत्ति के स्वामी द्वारा शमनीय था । |
IPC Section 379 — Punishment for theft –
Whoever commits theft shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three years, or with fine, or with both.
IPC की धारा 379


