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धारा 4 घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 | Section 4 Domestic Violence Act in hindi

धारा 4 घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 — संरक्षा अधिकारी को सूचना और सूचनाकर्त्ता के दायित्व का अपवर्जन —

(1) कोई भी व्यक्ति जो यह विश्वास करने का कारण रखता है कि घरेलू हिंसा का कोई भी कृत्य कारित किया जा चुका है या कारित किया जा रहा है या कारित किये जाने की संभावना है, इस बाबत सम्बन्धित संरक्षा अधिकारी को सूचना दे सकेगा।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए सद्भाव में सूचना देने के लिए किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई भी दायित्व, सिविल या आपराधिक, उपगत नहीं किया जाएगा।


Section 4 Domestic Violence Act — nformation to Protection Officer and exclusion of liability of informant —


(1) Any person who has reason to believe that an act of domestic violence has been, or is being, or is likely to be committed, may give information about it to the concerned Protection Officer.


(2) No liability, civil or criminal, shall be incurred by any person for giving in good faith of information for the purpose of sub-section (1).

धारा 4 घरेलू हिंसा अधिनियम 2005