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धारा 5 सूचना प्रौधोगिकी अधिनियम 2000 | धारा 5 आईटी एक्ट 2000 | Section 5 IT Act 2000 in hindi

धारा 5 आईटी एक्ट 2000 – इलेक्ट्रॉनिक चिह्नकों की विधिमान्यता-

जहां किसी विधि में यह उपबंध किया गया हो कि सूचना या कोई अन्य विषय, उस पर हस्ताक्षर करके अधिप्रमाणित किया जाए, या कोई दस्तावेज हस्ताक्षरित किया जाए अथवा उस पर किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर हों, वहां ऐसी विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी, यदि ऐसी सूचना या विषय, ऐसी रीति से जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, इलेक्ट्रॉनिक चिह्नक लगा कर अधिप्रमाणित किया गया हो ।

स्पष्टीकरण- इस धारा के प्रयोजनों के लिए इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों के साथ “हस्ताक्षरित” से, किसी व्यक्ति के संदर्भ में, अभिप्रेत है किसी दस्तावेज पर अपने हस्तलिखित हस्ताक्षर करना या कोई चिह्न लगाना और “हस्ताक्षर” पद का तद्नुसार अर्थ लगाया जाएगा ।


Section 5 IT Act 2000 – Legal recognition of 1 [electronic signatures].–

Where any law provides that information or any other matter shall be authenticated by affixing the signature or any document shall be signed or bear the signature of any person, then, notwithstanding anything contained in such law, such requirement shall be deemed to have been satisfied, if such information or matter is authenticated by means of 1 [electronic signature] affixed in such manner as may be prescribed by the Central Government.
Explanation.–For the purposes of this section, “signed”, with its grammatical variations and cognate expressions, shall, with reference to a person, mean affixing of his hand written signature or any mark on any document and the expression “signature” shall be construed accordingly.


1. Subs. by Act 10 of 2009, s. 2, for “digital signatures” (w.e.f. 27 – 10 – 2009).

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