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सीआरपीसी की धारा 45 | 45 CrPC in hindi

सीआरपीसी की धारा 45 – सशस्त्र बलों के सदस्यों का गिरफ्तारी से संरक्षण —

(1) धारा 41 से धारा 44 तक की धाराओं में (दोनों सहित) किसी बात के होते हुऐ भी संघ के सशस्त्र बलों का कोई भी सदस्य अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन करने में अपने द्वारा की गई या की जाने के लिए तात्पर्यित किसी बात के लिए तब तक गिरफ्तार नहीं किया जायेगा जब तक केन्द्रीय सरकार की सहमति नहीं ले ली जाती ।

(2) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा निदेश दे सकती है कि उसमें यथाविनिर्दिष्ट बल के ऐसे वर्ग या प्रवर्ग के सदस्यों को, जिन्हें लोक व्यवस्था बनाए रखने का कार्यभार सौंपा गया है, जहाँ कहीं वे सेवा कर रहे हों, उपधारा (1) के उपबंध लागू होंगे और तब उस उपधारा के उपबन्ध इस प्रकार लागू होंगे मानो उसमें आने वाले ‘केन्द्रीय सरकार’ पद के स्थान पर ‘राज्य सरकार’ पद रख दिया गया हो ।


45 CrPC in hindi – Protection of members of the Armed Forces from arrest —

(1) Notwithstanding anything contained in sections 41 to 44 (both inclusive), no member of the Armed Forces of the Union shall be arrested for anything done or purported to be done by him in the discharge of his official duties except after obtaining the consent of the Central Government.

(2) The State Government may, by notification, direct that the provisions of sub-section (1) shall apply to such class or category of the members of the Force charged with the maintenance of public order as may be specified therein, wherever they may be serving, and thereupon the provisions of that sub-section shall apply as if for the expression “Central Government” occurring therein, the expression “State Governmen”t were substituted.

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