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अनैतिक व्यापार अधिनियम की धारा 16 | 16 Immoral Traffic Act In Hindi 

अनैतिक व्यापार अधिनियम की धारा 16 – व्यक्ति को छुड़ाना-

(1) जहां पुलिस से प्राप्त सूचना या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति से प्राप्त सूचना के आधार पर अथवा अन्यथा किसी मजिस्ट्रेट के पास यह विश्वास करने का कारण है कि  [कोई व्यक्ति किसी वेश्यागृह में रह रहा है या वेश्यावृत्ति कर रहा है अथवा उससे वेश्यावृत्ति करवाई जा रही है] तो वह ऐसे पुलिस अधिकारी को जो उप-निरीक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो, यह निदेश दे सकेगा कि वह ऐसे वेश्यागृह में प्रवेश करे और ऐसे  [व्यक्ति] को वहां से हटाए और उसे उसके समक्ष पेश करे ।

(2) पुलिस अधिकारी 8[व्यक्ति] को हटाने के पश्चात् उसे तुरन्त उस मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेगा जिसने आदेश किया था ।


 16 Immoral Traffic ActRescue of person

56,58(1) Where a magistrate has reason to believe from information received from the police or from any other person authorised by the State Government in this behalf or otherwise, that 59 any person is living, or is carrying on, or is being made to carry on, prostitution in a brothel, he may direct a police officer not below the rank of a sub-inspector, to enter such brothel, and to remove therefrom such 56 person and produce him before him.
(2) The police officer, after removing the 56 person, shall forthwith produce him before the magistrate issuing the order.


56. Subs. by Act 44 of 1986, s. 4, for “woman or girl” (w.e.f. 26-1-1987).
58. Subs. by Act 46 of 1978, s. 12, for sections 16 and 17 (w.e.f. 2-10-1979).
59. Subs. by 44 of 1986, s. 17, for clause (a) and (b) (w.e.f. 26-1-1987).

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