#1. व्यादेश का उल्लंघन करके किये गये विवाह की प्रकृति होती है-
#2. धारा 16 के अन्तर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी का कर्तव्य है
#3. इस अधिनियम की धारा 13 के अधीन बाल विवाह का प्रतिषेध करने के लिए व्यादेश दे सकता है-
#4. संविदाकारी पक्षकार के अन्तर्गत आते हैं
#5. न्यायालय बाल विवाह के बारे में संज्ञान ले सकता है
#6. बाल विवाह के महिला संविदाकारी पक्षकार को भरण पोषण देने का प्रावधान किस धारा में है?
#7. निम्नलिखित कथनों में असत्य कथन है
#8. बालविवाह किस अन्तर्गत शून्यकरणीय कराया जा सकता है?
#9. बाल विवाह होने से रोकने के लिए व्यादेश देने की शक्ति न्यायालय को किस धारा के अन्तर्गत
#10. बाल विवाह के लिए दोषी व्यक्ति का दण्ड होगा
#11. बाल विवाह को अकृत (Null and Void) घोषित कराने के लिए जिला न्यायालय में याचिका कौन दाखिल कर सकता है?
#12. किसी व्यक्ति का विवाह बलपूर्वक या प्रवंचनापूर्ण उपायों द्वारा करा दिया जाता है,ऐसा विवाह होगा-
#13. जिला न्यायालय अकृतता की आज्ञप्ति पारित करने के साथ निम्नलिखित में और क्या आदेश पारित कर सकेगा?
#14. अवयस्क का विवाह शून्य होता है-
#15. बाल विवाह हेतु निम्नलिखित दोषी माने जाते हैं-
#16. धारा 3 के अधीन बाल विवाह को अकृत घोषित कराने के लिए याचिका तभी पोषणीय होगी जब याचिका दाखिल करने वाले पक्षकार के वयस्कता प्राप्त करने पूर्व दाखिल किया जा सकेगा-
#17. किस धारा में कहा गया है कि अधिनियम के उल्लंघन में कारित विवाह शून्य होता है?
#18. जिला न्यायालय धारा 4 या धारा 5 के अधीन पारित आदेश को-
#19. 18 वर्ष से ऊपर आयु का वयस्क पुरुष बाल- विवाह की संविदा करता है, उसे दण्डित किया जा सकेगा
#20. बाल विवाह करने वाले वयस्क पुरुष को दण्डित करने का प्रावधान किस धारा में है?
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