भरण पोषण

दंड प्रक्रिया संहिता में भरण पोषण से संबंधित प्रावधान क्या है | Maintenance provisions under crpc in hindi

दंड प्रक्रिया संहिता में भरण पोषण से संबंधित प्रावधान क्या है? भरण पोषण से संबंधित प्रावधान दंड प्रक्रिया संहिता के अध्याय 9 में मिलते हैं। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 पत्नी , संतान और माता-पिता के भरण-पोषण के लिए आदेश का प्रावधान करती हैं। जहां पत्नी,बच्चे और माता पिता के भरण पोषण नहीं करने…

सीआरपीसी के अंतर्गत जमानत के प्रावधान

जमानत के प्रावधान सीआरपीसी के अंतर्गत | Bail Provision under crpc in hindi

परिचय ( Introduction):- आपराधिक कानून के क्षेत्र में जाने के दौरान सबसे आसान शब्दों में से एक है, जमानत। फ्रांसी , फ्रांसीसी शब्द (baliera) से व्युत्पन्न है जिसका अर्थ है -किसी को मुक्त करना। जमानत एक आपराधिक मामले में आरोपी की रिहाई या अनंतिम आधार पर दीवानी है। जमानत एक ऐसा तंत्र है जो अभियुक्तों…

वारंट

वारंट क्या है? | गिरफ्तारी वारंट क्या है? | अरेस्ट वारंट क्या है? | Warrant in hindi

वारंट क्या है? :- वारंट एक ऐसा आदेश है ,जो किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए न्यायालय द्वारा जारी किया जाता है। वारंट जारी करते समय न्यायालय बड़ी सावधानी बरतता है क्योंकि गिरफ्तारी का वारंट किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को समाप्त अथवा प्रतिबंधित करता है।वारंट न्यायालय को प्राप्त ऐसी शक्ति है जो व्यक्ति…

गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकार
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गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकार | Rights of Arrested Person in hindi

परिचय:- गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकार- हमारी कानूनी प्रणाली के मूल सिद्धांतों में से एक यह है कि जब तक कानूनी साक्ष्य पर एक मुकदमे के अंत में उसे दोषी नहीं पाया जाता है, तब तक उसे निर्दोषता के अनुमान का लाभ मिलता है। आरोपी के अधिकारों में गिरफ्तारी के समय आरोपी के अधिकार, तलाशी और…

जमानतीय अपराध और अजमानतीय अपराध में अंतर

जमानतीय अपराध और अजमानतीय अपराध में अंतर | Difference between Bailable Offence and Non – Bailable Offence in hindi

जमानतीय अपराध और अजमानतीय अपराध में अंतर | Difference between Bailable Offence and Non – Bailable Offence in hindi   प्रस्तावना-: दंड प्रक्रिया संहिता 1973, के तहत जमानत के आधार पर अपराधों को जमानतीय अपराध और अजमानतीय अपराध के रूप में बांटा जा सकता है,  जमानतीय अपराध में आरोपी को जमानत दी जा सकती है।…

समन  और वारंट मामला में अंतर

समन और वारंट मामला क्या होते है | Summons Case and Warrant Case in Hindi

समन और वारंट मामला क्या होते है (Summons Case and Warrant Case in Hindi) विचारण के लिए प्रक्रिया की दृष्टि से मामलों को दो भागों में विभाजित किया गया है:- समन – मामला क्या है ?(Summons-Case):-  दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 2 (ब) के अनुसार,” समन- मामला” से ऐसा मामला अभिप्रेत है जो किसी…

पुलिस की शक्ति दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन | power of police under CrPC in hindi

पुलिस की शक्ति दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन | power of police under CrPC in hindi

प्रस्तावना (Introduction) – पुलिस को संविधान की सातवी अनुसूची के भाग  2  (राज्य सूची ) में शामिल किया गया है । जो राज्य का आन्तरिक विषय है । पुलिस का आधारभूत  काम  नागरिकों को  सुरक्षा प्रदान करना , अपराध रोकना ,अपराध को  नियंत्रित करना , अपराध हो जाए तो जांच – पड़ताल करना , अपराधी…

संज्ञेय और असंज्ञेय अपराध मे अंतर

संज्ञेय और असंज्ञेय अपराध मे अंतर | difference between cognizable and non cognizable offence in hindi

संज्ञेय और असंज्ञेय अपराध मे अंतर(difference between cognizable and non cognizable offence in hindi) संज्ञेय अपराध की परिभाषा :- दण्ड प्रक्रिया संहिता ,1973 को धारा 2 (c) के अनुसार “संज्ञेय अपराध”  से  ऐसा अपराध अभिप्रेत है जिसके लिए और “संज्ञेय मामला” से ऐसा मामला अभिप्रेत है जिसमे पुलिस अधिकारी प्रथम अनुसूची के या तत्समय प्रव्रत्य किसी…