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CrPC Mcq in hindi | दंड प्रक्रिया संहिता mcq | Criminal Procedure Code mcq in hindi

CrPC Mcq in hindi |दंड प्रक्रिया संहिता mcq | Criminal Procedure Code mcq in hindi

Results

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#1. कार्यपालक मजिस्ट्रेट अभ्यासिक अपराधियों से सदाचार के लिए प्रतिभूति की मांग दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा ...... में कर सकता है ।

#2. यदि धारा 376 भा.द.सं. के अंतर्गत कोई अपराध कारित किया गया है तो सूचना महिला पुलिस अधिकारी द्वारा किस धारा के अंतर्गत अभिलिखित की जायेगी :

#3. धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट व्यक्ति को भरण-पोषण के लिए मासिक भत्ता दिए जाने का आदेश दे सकता है, जो उसके हो

#4. धारा 321 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत कौन अभियोजन प्रकरण वापस ले सकता है?

#5. प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट दण्डादेश दे सकता है -

#6. सभी चिकित्सालय, चाहे शासकीय या निजी, ऐसिड अटेक एवं बलात्संग की पीड़ित को निःशुल्क प्राथमिक चिकित्सा एवं चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराने के लिए कर्त्तव्यबद्ध है :

#7. दण्ड प्रक्रिया संहिता की किस धारा के तहत एक मजिस्ट्रेट स्थानीय अन्वेषण के लिए निर्देश जारी कर सकता है?

#8. पीड़ित की परिभाषा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा ..... में दी गई है।

#9. यदि संक्षिप्त विचारण के तहत अभियुक्त को दोषी ठहराया जाता है तब उसे दण्ड दिया जा सकेगा।

#10. निम्न में से कौन धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकारी नहीं है?

#11. जब विचारण भा.द.वि. की धारा 376 के अपराध से संबंधित है तब विचारण यथासंभव पूरा किया जायेगा

#12. गिरफ्तारी की प्रक्रिया तथा गिरफ्तार करने वाले अधिकारों के कर्त्तव्य दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा ....... में दिए गए हैं।

#13. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 311ए मजिस्ट्रेट को सशक्त करती है

#14. जहां अभियुक्त ने दोषी होने का अभिवचन किया है और ऐसे अभिवचन पर वह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा दोषसिद्ध किया गया है, वहां

#15. परिवाद पर मजिस्ट्रेट किसी अपराध का संज्ञान ले सकता है यदि उसकी राय में -

#16. दण्ड प्रक्रिया संहिता की निम्नलिखित धाराओं में से किस धारा में निःशुल्क विधिक सहायता का प्रावधान है ?

#17. दण्ड प्रक्रिया संहिता के अधीन परिसीमा-काल प्रारंभ होगा

#18. अभियुक्त अभिवाक् सौदेबाजी (प्ली बारगेनिंग) के लिए आवेदन कर सकता है यदि अभिकथित रूप से उसने –

#19. जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने पर कारावास अधिनिर्णित किया जा सकता है –

#20. दण्ड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत, किसी भी अपराध का संज्ञान लेने की परिसीमा काल 3 वर्ष होगा

Finish