#1. बाल विवाह करने वाले वयस्क पुरुष को दण्डित करने का प्रावधान किस धारा में है?
#2. सही सुमेलित युग्म नहीं है-
#3. किस धारा में कहा गया है कि अधिनियम के उल्लंघन में कारित विवाह शून्य होता है?
#4. धारा 4 के अन्तर्गत जिला न्यायालय किसे आदेश देता है कि वह भरण पोषण का भुगतान
#5. धारा 16 के अन्तर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी का कर्तव्य है
#6. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 लागू है
#7. निम्नलिखित में से कौन बाल विवाह को शून्यकरणीय घोषित करा सकता है?
#8. बाल विवाह के दोषी व्यक्ति को कितनी सजा दी जा सकती है-
#9. बाल विवाह को अकृत घोषित कराने की याचिका कहाँ दाखिल होती है?
#10. पुरुष संविदाकारी पक्षकार महिला संविदाकारी पक्षकार को कब तक भरण पोषण का भुगतान करेगा।
#11. व्यादेश का उल्लंघन करके किये गये विवाह की प्रकृति होती है-
#12. जो कोई धारा 13 (1) के अधीन जारी व्यादेश की अवज्ञा करता है वह दण्डित किया जा सकता है-
#13. बाल विवाह को अकृत (Null and Void) घोषित कराने के लिए जिला न्यायालय में याचिका कौन दाखिल कर सकता है?
#14. 18 वर्ष से ऊपर आयु का वयस्क पुरुष बाल- विवाह की संविदा करता है, उसे दण्डित किया जा सकेगा
#15. जिला न्यायालय अकृतता की आज्ञप्ति पारित करने के साथ निम्नलिखित में और क्या आदेश पारित कर सकेगा?
#16. संविदाकारी पक्षकार को परिभाषित किया गया
#17. बाल विवाह के लिए दोषी व्यक्ति का दण्ड होगा
#18. बाल विवाह हेतु निम्नलिखित दोषी माने जाते हैं-
#19. बाल विवाह को विखण्डित करने की याचिका दाखिल किया जा सकेगा-
#20. किसी व्यक्ति का विवाह बलपूर्वक या प्रवंचनापूर्ण उपायों द्वारा करा दिया जाता है,ऐसा विवाह होगा-
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