न्यायिक पृथक्करण तथा तलाक (विवाह विच्छेद) में अंतर

न्यायिक पृथक्करण तथा तलाक (विवाह विच्छेद) में अंतर | Difference between judicial separation and divorce in Hindi

न्यायिक पृथक्करण तथा तलाक (विवाह विच्छेद) में अंतर न्यायिक पृथक्करण क्या है?- न्यायिक पृथक्करण का अर्थ है सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय द्वारा पति पत्नी के साथ-साथ रहने के अधिकार को समाप्त करना परंतु ऐसी डिक्री या आदेश न पक्षकारों की हैसियत को प्रभावित करती है और न ही विवाह बंधन को तोड़ती है। यह ऐसा…

पुनर्विलोकन तथा पुनरीक्षण में अंतर

पुनर्विलोकन तथा पुनरीक्षण में अंतर | Difference between Review and Revision

पुनर्विलोकन तथा पुनरीक्षण में अंतर पुनर्विलोकन से क्या अभिप्राय है? पुनरावलोकन का शाब्दिक अर्थ है जांच करना या फिर से अध्ययन करना | मामले के तथ्यों और निर्णय की फिर से जांच या अध्ययन करना पुनर्विलोकन कहलाता है । निर्णय की समीक्षा सीपीसी की धारा 114 में उल्लिखित न्यायालय द्वारा समीक्षा की मूल शक्ति है।…

विशेषज्ञ साक्षी तथा साधारण साक्षी में अंतर

विशेषज्ञ साक्षी तथा साधारण साक्षी में अंतर | Differences Between an Expert Witness and an Ordinary Witness in Hindi

विशेषज्ञ साक्षी तथा साधारण साक्षी में अंतर विशेषज्ञ साक्षी (expert witness) कौन होता है? एक विशेषज्ञ गवाह वह है जिसने उस विषय को लेकर, जिसके बारे में वह गवाही दे रहा है, विशेष अध्ययन, अभ्यास या अवलोकन किया है। यह जरुरी है कि ऐसे व्यक्ति को उस विषय का विशेष ज्ञान होना चाहिए।इसलिए एक गवाह…

न्यायिक संस्वीकृति और न्यायिकेतर संस्वीकृति में अंतर

न्यायिक संस्वीकृति और न्यायिकेतर संस्वीकृति में अंतर | Difference between Judicial and Extra-Judicial Confession in Hindi

न्यायिक संस्वीकृति और न्यायिकेतर संस्वीकृति में अंतर संस्वीकृति दो प्रकार की होती हैं-  1. न्यायिक संस्वीकृति। 2.न्यायिकेतर संस्वीकृति। न्यायिक संस्वीकृति किसे कहते हैं?– न्यायिक संस्वीकृतियां वे हैं जो एक मजिस्ट्रेट या न्यायालय के सामने विधिक कार्यवाहियों के दौरान की जाती हैं। क,ख की हत्या करने का अभियुक्त है। वह विचारण प्रारंभ होने के पूर्व अपराध…